मैथ क्लास

मैथ टीचर  बड़े बेरहम होते हैं
अंको को कुतरते है कुचलते है
ब्लैक बोर्ड में सजाते हैं
और फिर हमसे पूछते हैं,
फलां नंबर ने फलां से क्यूँ दोस्ती की
फलां उसकी खिड़की में क्यूँ झाँकता
अगर लड़की की जगह उसका बाप होता तो
तापमान की कितनी डिग्री से उसको आँकता
बाप की भृकुटियों में कितनी रेखाएं खिंचती
और वे कैसी होती - वक्र होती या सरल
कितने अंकों की पिटाई होती और
भूकंप के किस स्तर का होता वहां हलचल ?
चलो अगर लड़की ही झलक दिखलाती
तो कितने प्रतिशत का प्रेम में उछल आता?
कौन किसके चेहरे पे गुलाबीपन लाता?
अरे ये टीचर तो जरा आशिकी मिजाज़ के लगते हैं
अलजेब्रा ज्योमेट्री गणित के इनके सारे सवाल
लैला मजनू की खिड़की से गुजरते है
अच्छा अब राहत मिली, इन्होने सवाल की दिशा बदल दी
सामने वाली खिड़की को बंद कर एक नयी पहल की
सवाल इनका दिशाहीन था, अब दिशा दी
इन्होने दिशा समस्या का पिटारा खोला
उंघते शिष्यों का नब्ज़ टटोला
अब दिशा खंगालने लगे, सवाल कुछ उड़ने लगे
सवाल हर दिशा से हम पर जड़ने लगे
कभी पूरब दिशा को दक्षिण से जोड़ते हैं
पश्चिम दिशा को जादुई मोड़ देते हैं
फिर पूछते हैं कहाँ है  उत्तर?
अरे, उत्तर में ही उत्तर छिपा है.
उत्तर को आपने बिलकुल यूँ ही छोड़ दिया
उत्तर दिशा में तो हिमालय है
सरताज और प्रहरी भी है
पर उसे अकेला कैसे छोड़े
ब्लैकबोर्ड में चिपके गणित के सवालों से जियादा
सामरिक समीकरण सुलझाने में है फायदा
वहां चीन और पाकिस्तान की नज़र में है कश्मीर
उत्तर दिशा में है समस्या अभी गंभीर.
आज मैथ की छुट्टी करो, मेरे रहनुमा
सवाल बड़े नीरस हैं, दुनिया है बहुत खुशनुमा.




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