हया



निगाहें ना फेरो,
ना चेहरा छुपाओ
देर तलक दूर रही
पास आ जाओ
जो आँखों में बसा है
मुझे सब पता है
वो रंगीन सपने
सपनों में अपने
दिलकश अदाएं
छुप छुप इशारे
खिलखिलाती हंसी में
क्या कुछ छिपा है,
मुझे सब पता है
खुल गए राज,
अब पास आ जाओ,
हया में अपनी मुहब्बत
न छुपाओ .....अनूप

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